ग्रहों की गति (Motion Planets) और उसके नियम क्या है ?

What is Motion Planets and Laws ?

जो खगोलीय पिण्ड सूर्य के चारों ओर घूमते हैं, ग्रह कहलाते हैं।

हमारे सौर मण्डल (solar system) में 8 ग्रह हैं, जिनके नाम (सूर्य से बढ़ती दूरी के क्रम में) हैं—बुध (Mercury), शुक्र (Venus), पृथ्वी (Earth), मंगल (Mars), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), यूरेनस (Uranus) तथा नेचून (Neptune)। इस प्रकार सूर्य का निकटतम ग्रह बुध तथा दूरतम ग्रह नेप्चून है।

ग्रहों की गति से सम्बन्धित केप्लर के नियम

1. प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर ‘दीर्घवृत्ताकार’ (Elliptical) कक्षा (Orbit) में परिक्रमा करता है तथा सूर्य ग्रह की कक्षा के एक फोकस बिन्दु पर स्थित होता है।

2. प्रत्येक ग्रह का क्षेत्रीय वेग (Areal velocity) नियत रहता है। इसका प्रभाव यह होता है, कि जब ग्रह सूर्य के निकट होता है, तो उसका वेग बढ़ जाता है और जब वह दूर होता है, तो उसका वेग कम हो जाता है।

3. सूर्य के चारों ओर ग्रह एक चक्र जितने समय में लगाता है उसे उसका ‘परिक्रमण काल’ (T) कहते हैं।

परिक्रमण काल का वर्ग (T’), ग्रह की सूर्य से औसत दूरी (1) के घन (P) के अनुक्रमानुपाती होता है अर्थात् इसका प्रभाव यह होता है, कि सूर्य से अधिक दूर के ग्रहों के परिक्रमण काल भी अधिक होते हैं।

उदाहरण के लिए, निकटतम ग्रह बुध का परिक्रमण काल 88 दिन है जबकि दूरतम ग्रह प्लूटो का परिक्रमण काल 247.7 वर्ष है। गुरुत्वीय त्वरण व भार (Acceleration due to Gravity and Weight): जब किसी वस्तु पर बल F लगाया जाता है तो उसमें त्वरण a उत्पन्न हो जाता है।

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