प्रकाश तरंगों का विवर्तन क्या है ?

What is Diffraction of Light Waves ?

ध्वनि तरंगों के रूप में आगे बढ़ती है। जब ध्वनि के मार्ग में कोई अवरोध (Obstacle) आ जाता है, तो वह मुड़कर चलने लगती है। यही कारण है, कि कमरे के बाहर की आवाज कमरे के अन्दर चारों ओर फैलकर वहां बैठे प्रत्येक व्यक्ति को सुनाई देने लगती है। किनारों पर ध्वनि तरंगों का मुड़ना ध्वनि का विवर्तन कहलाता है।ध्वनि तरंगों की तरंग-दैर्ध्य अवरोध के आकार की कोटि की होती है, अतः ध्वनि का विवर्तन आसानी से ज्ञात हो जाता है।

विवर्तन

विवर्तन, प्रत्येक प्रकार की तरंग का एक गुण होता है। प्रकाश भी एक तरंग है। अत: उसमें भी विवर्तन का गुण होता है। सामान्य परिस्थितियों में प्रकाश का विवर्तन दृष्टिगोचर नहीं होता। किन्तु जब प्रकाश किसी छोटे छिद्र (स्लिट) से गुजरता है या उसके मार्ग में कोई बहुत पतली वस्तु (अवरोध), जैसे—बाल, तार, इत्यादि आ जाती है, तो प्रकाश किनारे पर कुछ मुड़ जाता है जिससे प्रकाश रंगीन दिखाई देने लगता है तथा छाया के किनारे तीक्ष्ण (Sharp) नहीं होते हैं।

तीक्ष्ण धार वाले किनारों पर प्रकाश का मुड़ना तथा अवरोध द्वारा बनी ज्यामितीय छाया में प्रकाश के अतिक्रमण की घटना को प्रकाश का विवर्तन कहते हैं।

प्रकाश का विवर्तन के अनुप्रयोग

प्रकाश के विवर्तन के कारण ही दूरदर्शी में तारों के प्रतिबिम्ब तीक्ष्ण बिन्दुओं की तरह दिखाई न देकर अस्पष्ट धब्बों की तरह दिखाई देते हैं।

जब आप किसी ग्रामोफोनर रिकार्ड या कॉम्पैक्ट डिस्क को किसी कोण से देखते हैं, तो वह इन्द्रधनुषी दिखता है। इसका कारण यह है, कि जब श्वेत प्रकाश की किरण डिस्क के विभिन्न उभारों से होकर समानान्तर गुजरती है, तो वे उभार प्रिज्म की तरह कार्य करते हैं और प्रकाश की श्वेत किरणें सात वर्गों में टूट जाती है। पुनः इन विक्षेपित किरणों का विवर्तन व संचरण होता है, तब वे हमारी आंख तक पहुंचती हैं।

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