दृश्य एवं अवरक्त विकिरण क्या होते हैं ?

दृश्य विकिरण (Visible Radiation)

इनके स्रोत सूर्य तथा तारों के अतिरिक्त ज्वाला (Flame), विद्युत-बल्ब, आर्क लैम्प, आदि ताप दीप्त वस्तुएं हैं। प्रकाश से ही हमें वस्तुएं दिखायी देती हैं। ये फोटोग्राफिक प्लेट पर रासायनिक क्रिया करती है। इनके संसूचन का प्रमुख साधन नेत्र हैं। 

अवरक्त विकिरण (Infra-red Radiation)

इन विकिरणों का पता हरशैल ने लगाया था। इनकी प्राप्ति तप्त वस्तुओं तथा सूर्य से होती है इनके द्वारा ऊष्मा का संचरण होता है अर्थात् ये किरणें ‘ऊष्मीय विकिरण’ है। ये जिस वस्तु पर पड़ती हैं उसका ताप बढ़ जाता है। इनका प्रकीर्णन बहुत कम होता है। इसलिए ये कुहरे में भी बहुत दूर तक चली जाती है।

इनका संसूचन (Detection) तापपुंज (Thermopile) अथवा तापमापी से किया जा सकता है। इनका उपयोग अस्पतालों में रोगियों को सिकाई करने तथा कुहरे में फोटोग्राफी करने में होता है। TV के रिमोट कण्ट्रोल में भी इनका प्रयोग किया जाता है। 

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