ध्वनि का तारत्व क्या होता है ?

तारत्व

तारत्व का सम्बन्ध आवृत्ति से होता है। जैसे-जैसे ध्वनि की आवृत्ति बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे ध्वनि का तारत्व बढ़ता जाता है तथा ध्वनि तीक्षण अथवा पतली होती जाती है।

चिड़िया की आवाज, सोनोमीटर के तने हुए पतले तार से निकलने वाली ध्वनि, मच्छरों की भनभनाहट, अधिक तारत्व की ध्वनियों के उदाहरण हैं।

ध्वनि की आवृत्ति कम होने पर उसका तारत्व कम होता है तथा ध्वनि मोटी तथा सपाक (Flat) प्रतीत होती है। सितार के मोटे तथा कम तने हुए तार से उत्पन्न ध्वनि कम तारत्व की होती है। 

उदाहरण

बच्चों और स्त्रियों की आवाज पतली होती है, अत: उसका तारत्व अधिक होता है, पुरुषों की आवाज भारी होती है, अत: उसका तारत्व कम होता है।

ध्वनि के तारत्व का ध्वनि की प्रबलता से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। अधिक प्रबल ध्वनि का तारत्व कम (जैसे शेर की दहाड़) अथवा अधिक (जैसे रेलगाड़ी की सीटी), कुछ भी हो सकता है।

इसी प्रकार, कम प्रबल ध्वनि का तारत्व कम (जैसे—पत्तियों की खड़खड़ाहट) अथवा अधिक (जैसे मच्छर की भनभनाहट), कुछ भी हो सकता है।

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