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  • अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने 2022 में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से खोजे 200 से ज्यादा ग्रह

    अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने 2022 में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से खोजे 200 से ज्यादा ग्रह

    अंतरिक्ष को अनंत माना जाता है। इसमें अनगिनत खगोलीय पिंड (Celestial bodies) हैं जिनकी बहुत थोड़ी संख्या ही अब तक ज्ञात थी। खगोलीय पिंड (Celestial bodies) यानी एक प्राकृतिक वस्तु (object) जो पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर स्थित है, जैसे धूमकेतु (comet), क्षुद्रग्रह (asteroid), चंद्रमा (moon), ग्रह (planet), सूर्य (sun) या तारा (star) ।

    लेकिन 2022 ऐसा साल रहा जिसमें अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आई। वैज्ञानिकों ने इस साल हमारे सोलर सिस्टम के बाहर भी सैकड़ों ग्रह खोज डाले। और इसका सबसे बड़ा श्रेय जाता है जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) को। इसके आने के बाद से वैज्ञानिकों की आंखों की पहुंच अंतरिक्ष में करोड़ों प्रकाश वर्ष आगे तक चली गई।

    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope)

    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) अब तक का सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप है, जिसे अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है। JWST को 25 दिसंबर 2021 में लॉन्च किया गया था और लांच के बाद से ही इसने सितारों और आकाशगंगाओं के निर्माण की जांच शुरू कर दी है । जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप – जिसे कभी-कभी JWST या वेब (Webb) कहा जाता है, NASA का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष विज्ञान टेलीस्कोप है।

    अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration – NASA) ने यूरोपियन स्पेस एजेंसी (European Space Agency – ESA) और कैनेडियन स्पेस एजेंसी (Canadian Space Agency – CSA) के सहयोग से JWST को develop और डिजाईन किया है ।

    नोट: जेम्स वेब कौन है? (Who is James Webb) – जेम्स एडविन वेब एक अमेरिकी सरकार के अधिकारी थे, जिन्होंने 1949 से 1952 तक राज्य के अवर सचिव (Undersecretary of State) के रूप में कार्य किया। वह 14 फरवरी, 1961 से 7 अक्टूबर, 1968 तक नासा के दूसरे नियुक्त प्रशासक भी थे।

    जेम्स वेब किस लिए प्रसिद्ध है? – जेम्स एडविन वेब ने फरवरी 1961 से अक्टूबर 1968 तक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के प्रशासक के तौर पर बेहतरीन कार्य किया था।

    नए एग्जोप्लेनेट्स (Exoplanet) की खोज

    एग्जोप्लेनेट (Exoplanet) ऐसे ग्रहों को कहा जाता है हमारे सौर मंडल की सीमा के बाहर मौजूद हैं। अब तक खोजे गए एग्जोप्लेनेट्स (Exoplanet) की संख्या अब 5235 हो गई है। एस्ट्रोनॉमर्स ने इस साल 200 के लगभग एग्जोप्लेनेट्स की खोज की है।

    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से यह संभव हो पाया है। इसने हबल टेलीस्कोप को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, हबल टेलीस्कोप अभी भी अपना काम कर रहा है। नासा ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी है कि अकेले 2022 में ही उसने सैकड़ों एग्जोप्लेनेट्स का पता लगा लिया है।

    हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope)

    एक स्पेस टेलीस्कोप है जिसे 1990 में पृथ्वी की निचली कक्षा में लॉन्च किया गया था और यह अभी भी ऑपरेशन में है। यह पहला अंतरिक्ष टेलीस्कोप नहीं था, लेकिन यह सबसे बड़े और सबसे बहुमुखी में से एक टेलिस्कोप है, जो एक महत्वपूर्ण शोध उपकरण (vital research tool) और खगोल विज्ञान के लिए वरदान के रूप में प्रसिद्ध है।

    नए एग्जोप्लेनेट्स (Exoplanet) की बनावट

    नासा के मुताबिक, 2022 की शुरुआत में उनके पास खोजे गए एग्जोप्लनेटेस् की संख्या 5000 के करीब थी। लेकिन 2022 के खत्म होते होते उन्होंने 200 से ज्यादा एग्जोप्लेनेट्स खोज डाले और यह संख्या 5235 पर पहुंच गई। इनमें से 4% ग्रह ऐसे हैं जिन पर पृथ्वी और मंगल की तरह ही चट्टाने पाई जाती हैं। इस उपलब्धि से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 2023 में और अधिक एग्जोप्लेनेट्स को अंतरिक्ष वैज्ञानिक खोज सकने में कामयाब हो जाएंगे।

    एग्जोप्लेनेट्स की बनावट में बहुत भिन्नता पाई जाती है। इनमें से कुछ आकार में बहुत छोटे होते हैं, तो कुछ दिखने में धरती जैसे लगते हैं और इनकी सतह पर भी रेत और चट्टानें पाई जाती हैं। 2022 में खोजा गया सबसे लेटेस्ट प्लेनेट नेप्च्यून (Neptune) जैसा दिखता है। इसका नाम HD 109833 b बताया गया है। यह एक जी-टाइप तारे के गिर्द घूमता है।

    नोट: नेपच्यून सूर्य से आठवां ग्रह है और सौरमंडल का सबसे दूर का ज्ञात ग्रह है। व्यास की दृष्टि से यह सौर मंडल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह, तीसरा सबसे विशाल ग्रह और सबसे घना विशालकाय ग्रह है। यह पृथ्वी के द्रव्यमान का 17 गुना है, और इसके निकट-जुड़वां यूरेनस से थोड़ा अधिक भारी है

    एग्जोप्लेनेट (Exoplanet) में नए क्या मिला

    अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को दो एग्जोप्लेनेट ऐसे भी मिले हैं जिन पर अधिकतर मात्रा में पानी मौजूद हो सकता है। इन पर प्रत्य़क्ष रूप से पानी की खोज नहीं हुई है। बल्कि इनके आकार और घनत्व की तुलना जब दूसरे मॉडल्स के साथ की गई तो पता चला कि इनके घनत्व का आधे से ज्यादा हिस्सा ऐसे पदार्थ से बना है जो चट्टानों से तो हल्का है, लेकिन हाइड्रोजन और हीलियम जैसे गैसीय पदार्थों से भारी है। इसलिए बहुत संभावना जताई गई है इन पर पानी मौजूद हो सकता है। अगर ऐसा हो पाता है तो पृथ्वी के अलावा भी किसी अन्य ग्रह पर जीवन पाया जा सकता है।

    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) के बारे जानने के लिए नासा की official वेबसाइट – https://webb.nasa.gov/

  • जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की सबसे अनोखी तस्वीर, अंतरिक्ष की सबसे करीबी झलक

    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की सबसे अनोखी तस्वीर, अंतरिक्ष की सबसे करीबी झलक

    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (वेब) (The James Webb Space Telescope (Webb) को 25 दिसंबर, 2021 को पूरी उम्मीदों के साथ अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था। वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि 10 अरब डॉलर की अंतरिक्ष वेधशाला (Space Observatory) उन्हें ब्रह्मांड की उत्पत्ति, उसकी आकाशगंगाओं और शायद पहले तारे के उत्पति (formation of the first stars) का भी पता लगाने की कोशिश करेगी । 12 जुलाई, 2022 को नासा द्वारा को जारी की गई शुरुआती तस्वीरों से संकेत मिलता है कि वेब अपने वादे पर खरा उतर रहा है ।

    National Aeronautics and Space Administration (NASA) – नासा के प्रशासक बिल नेल्सन (Bill Nelson ) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन तस्वीरों का खुलासा करने से पहले कहा, “हर तस्वीर एक नई खोज है, और प्रत्येक तस्वीर मानवता को ब्रह्मांड का एक नया दृश्य देगी जो पहले कभी नहीं देखा गया।” |

    दुनिया के इस सबसे बड़े जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने शुरुआती यूनिवर्स की सबसे गहरी, स्पष्ट और रंगीन इन्फ्रारेड फोटो खींची है, जो संभवतः 13 अरब साल पहले तक के ब्रह्मांड का नजारा दिखाती है | इस तस्वीर में अनगिनत सितारे, हजारों आकाशगंगाएं, सितारों के जन्मदाता नेबुला तक दिख रहे हैं |

    ब्रह्मांड अनगिनत अजूबों से भरा हुआ है | इसके रहस्यों को जानने के लिए इंसान लंबे अरसे से उत्सुक रहा है | नित नई तकनीक और उन्नत तकनीक के दम पर नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में कुछ ऐसा देखा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया था | उन्होंने ब्रह्मांड की अनोखी तस्वीर खींची है |

    वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा जारी इस तस्वीर में अनगिनत सितारे और हजारों आकाशगंगाएं दिख रही हैं | बहुत दूर की धुंधली गैलेक्सी के झलकी भी इसमें दिख रही है | इस तस्वीर में हमारे सौरमंडल के बाहर एक विशाल गैसीय ग्रह और निहारिका (नेबुला) की दो तस्वीरें भी हैं | नेबुला वो जगह होती है, जहां सितारे पैदा होते हैं और नष्ट हो जाते हैं. इसके अलावा इसमें 5 घनी आकाशगंगाएं भी एकदूसरे के आसपास नजर आ रही हैं |

    ये ऐसी तस्वीर है, जिसमें इंसान ने इतनी दूरी तक और इतने समय पीछे तक का नजारा देखने में कामयाबी हासिल की है | माना जा रहा है कि टेलीस्कोप ने 13.8 अरब साल पहले हुए बिगबैंग के बाद निकली रोशनी के कुछ हिस्सों को तस्वीर में कैद किया है | 10 अरब डॉलर के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से खींची गई इस तस्वीर को “डीप फील्ड” नाम दिया गया है | टेलीस्कोप को ये तस्वीर लेने में 12.5 घंटे का समय लगा. इससे ब्रह्मांड के ओर-छोर की जानकारी हासिल करने में जुटे इंसान को नया नजरिया मिला है |

    नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन है. इसे पिछले साल अमेरिका के फ्रेंच गुयाना से लॉन्च किया गया था | जनवरी में यह पृथ्वी से 16 लाख किलोमीटर दूर पहुंच गया था | वहां जाकर इसके उपकरणों को शुरू किया गया. इसमें 21 फुट का सोने से मढ़ा फूल की तरह दिखने वाला मिरर लगा है, जो अब तक अंतरिक्ष में भेजा गया सबसे बड़ा और सबसे संवेदनशील दर्पण है. इसके 18 सेग्मेंट हैं | जेम्स वेब के उप परियोजना वैज्ञानिक जोनाथन गार्डनर ने बताया कि इस टेलीस्कोप के जरिए हमें समय के अरबों साल पीछे देखने में कामयाबी मिली है | ऐसा इसलिए संभव हुआ कि उन आकाशगंगाओं से निकले प्रकाश को हमारी दूरबीन तक पहुंचने में अरबों साल लगे | अब आगे खगोलविद यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि ये आकाशगंगाएं कितनी पुरानी हैं | ब्रह्मांड की अनोखी चीजों के राज खोलने की कोशिश होगी | हमारे अपने सोलर सिस्टम के बारे में भी नई जानकारियां हासिल की जाएंगी |