रंगीन टेलीविजन (Colour Television) कैसे काम करता है ?

How does color television work?

इसमें चित्रों का निर्माण प्राथमिक रंगों के विभिन्न प्रकार के संकलनों द्वारा होता है। चित्र से प्रकाश को रंगीन टेलीविजन के कैमरे पर लेंस द्वारा संसृत किया जाता है। जब प्रकाश कैमरे पर पहंचता है, तो यह विशेष प्रकार के दर्पणों द्वारा तीन किरण पुंजों में विभक्त हो जाता है। जब प्रत्येक किरण-पुंज फिल्टर से गुजरती है तब उससे तीन पृथक् लाल, हरा और नीले रंगों का किरण-पुंज बनता है।

एक रंगीन टेलीविजन के पर्दे पर हजारों ऐसे छोटे-छोटे संवेदनशील क्षेत्र होते हैं जो इलेक्ट्रॉन के सम्पर्क में आने पर दीप्त हो जाते हैं। कुछ क्षेत्र लाल प्रकाश, कुछ हरे प्रकाश तथा शेष बचे अन्य क्षेत्र नीला प्रकाश उत्पन्न करते हैं। जब हम कोई रंगीन कार्यक्रम देखते हैं, तो लाल, हरा या नीला प्रकाश ही नहीं देखते अपितु इनके संकलन से निर्मित अनेक रंगों के चित्र देखते है हम श्वेत प्रकाश तब देखते हैं जब नीले, हरे और लाल रंग के प्रकाश का एक निश्चित अनुपात में संकलन होता है। प्राथमिक रंगों के मिश्रण से श्वेत वर्ण के प्रकाश के निर्मित होने के कारण ही एक रंगीन टेलीविजन पर हम श्वेत-श्याम चित्र भी देख सकते हैं।

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