पनडुब्बी (Submarine) कैसे काम करती है ?

How does a submarine work ?

पनडुब्बी ऐसा जलयान है जो समुद्र की सतह पर तथा सतह के नीचे तैर सकता है। पनडुब्बी में आगे व पीछे की ओर बड़ी-बड़ी टंकियां होती हैं जिनमें पम्पों की सहायता से समुद्री जल भरा जा सकता है अथवा खाली किया जा सकता है। जब इन टकियां को जल से भर देते हैं, तो इसका भार इसके द्वारा हटाए गए जल के भार से अधिक हो जाता है और पनडुब्बी जल के अन्दर जाकर तैरने लगती है तथा जब पनडुब्बी को सतह पर तैरना होता है, तो उन टंकियों को खाली कर देते है जिससे उसका भार उसके द्वारा हटाए गए जल के भार से कम होता है। इस प्रकार पनडुब्बी को इच्छानुसार जल के अन्दर अथवा सतह पर चलाया जा सकता है।

यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व से कम है तो वह उस द्रव में तैरती है, अन्यथा डूब जाती है, जैसे लोहा पारे पर तैरता है क्योंकि लोहे का घनत्व पारे के घनत्व से कम है।

प्लिमसोल रेखा

यह एक रेखा है जो समुद्री जहाज की तली (Bottom) से कुछ ऊपर खिची रहती है। इस रेखा से अधिक जहाज नहीं डूबना चाहिए। यह जहाज पर अधिकतम लादे गए बोझ का सीमा बताती है।

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