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  • क्या इन्टरनेट एक महान खोज है ?

    क्या इन्टरनेट एक महान खोज है ?

    इंटरनेट आज हमारे दैनिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे बहुत से कार्य है जो हम आज इंटरनेट का उपयोग करके करते है और इसी वजह से इन्टरनेट हमारी जिंदगी को ज्यादा आसान बनाता है l

    कम्युनिकेशन, ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग, research, शॉपिंग , जॉब सर्चिंग और भी कई ऐसे अनगिनत कार्य है जो इन्टरनेट ने हमे उपलब्ध करवाए है l

    हम कह सकते हैं कि इंटरनेट की प्रगति के साथ हम जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति कर रहे हैं क्योंकि यह न केवल हमारे कार्यों को आसान बनाता है बल्कि हमारा समय भी बचाता है।

    आज इंटरनेट का उपयोग आवश्यकता के आधार पर विभिन्न उद्देश्यों के लिए करते है l आज बिना इसके हमारे दिन की कल्पना करना मुश्किल हो जाता है l बड़ी कंपनी से लेकर एक सामान्य व्यक्ति तक सब की इस पर निर्भरता बढ़ गयी है l

    इसमें कोई दो राय नही है की इन्टरनेट ने कंप्यूटर, लैपटॉप और mobile के माध्यम से जानकारी (information) को पूरी दुनिया में आसानी से उपलब्ध करवाई है l

    इन्टरनेट, निर्भरता और दूरियां

    यहाँ हम बात करते है सदी के कुछ महान आविष्कारों की जिन्होंने मानव जाति के विकास को एक नया आयाम दिया:

    यह सारे आविष्कार हमारी प्रगति और हमारे विकास की कहानी कहते है

    इसी तरह बिजली के आविष्कार ने एक नए युग की शुरूआत की थी l आज हम बिना इलेक्ट्रिसिटी के लाइफ की कल्पना भी नही कर सकते है हमारे ज्यादातर कार्य इस पर निर्भर है l और इस आविष्कार ने मनुष्य के विकास को नई दिशा दी l

    इसी तरह हम सब जानते है की टेलीफोन और एयरोप्लेन के आविष्कारों भी महान आविष्कारों में से एक थे l एयरोप्लेन के विकास से पहले ऐसा था कि दुनिया आपसे में समुन्द्र के रास्ते से ही जुडी थी l समुंद्री जहाजों से लोग एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाते थे l सिर्फ व्यापारी लोग ही इस तरह की जोखिम भरी यात्राएं करते थे l

    जहा टेलीफोन ने एक ही पल में कम्ययुनिकेशन के बीच की दुरी को ख़त्म कर दिया वही हवाई जहाज के आविष्कार ने कुछ ही घंटे या मिनटों  में एक देश से दुसरे देश की यात्रा को बेहद सुलभ बना दिया l

    इनसे अगला दौर इन्टरनेट का है आज इस माध्यम ने सारी दूरियाँ खत्म कर दी गई है और आपसी कम्युनिकेशन को ज्यादा आसान और सभी के लिय सुलभ कराया है l सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इसमें बड़ी भूमिका निभाते हुए पूरी दुनिया को single family में तब्दील कर दिया l

    इन्टरनेट का जन्म

    सबसे पहले तो इन्टरनेट के अविष्कार का श्रेय किसी एक वैज्ञानिक को नही दिया जा सकता l आज हम जिस इन्टरनेट को जानते है वो दर्जनों वैज्ञानिकों, programmers और इंजिनियरों द्वारा लगातार विकसित की गई technology और नए features के द्वारा संभव हो पाया है l

    शीत युद्ध के दौरान जब सोवियत संघ ने स्पूतनिक उपग्रह के प्रक्षेपण ने अमेरिकी रक्षा विभाग को ऐसे तरीकों पर सोचना पड़ा जिससे की परमाणु हमला होने के बावजूद भी सूचनाओं  का आदान प्रदान कर सकें l  

    इसी आधार पर सबसे पहले अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) को विकसित किया l ARPANET मुख्य तौर पर सेना के उपयोग के लिए develope किया गया था l इस नेटवर्क से universites, सरकारी एजेंसीज और defence contractors को जोड़ा गया l लेकिन यह नेटवर्क लिमिटेड था और wireless भी नही था इसी वजह से यह युद्ध क्षेत्र में लड़ रहे अमेरिकी सैनिक के काम का नही था l

    ARPANET नेटवर्क का नक्शा (1974)

    1970 के दशक में यह टेक्नोलॉजी लगातार विकसित हुई जब साइंटिस्ट Robert Kahn और Vinton Cerf ने ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकोल और इंटरनेट प्रोटोकोल (Transmission Control Protocol and Internet Protocol, or TCP/IP) को विकसित किया जो कि एक ऐसा कम्युनिकेशन मॉडल था जो की एक standard सेट करता था की कैसे इनफार्मेशन मल्टीपल नेटवर्क के बीच ट्रांसमिट की जा सकती थी l

    ARPANET ने 1 जनवरी, 1983 को TCP/IP को अपनाया और वही से शोधकर्ताओं ने “नेटवकों के नेटवर्क (network of networks)” को assemble करना शुरू किया जिससे आधुनिक इंटरनेट विकसित हुआ ।

    World Wide Web और Google

    1990 में ऑनलाइन दुनिया को ओर ज्यादा पहचान मिली जब कंप्यूटर वैज्ञानिक टिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) ने वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) का आविष्कार किया। वेब हमे वेबसाइटों और हाइपरलिंक के रूप में इन्टरनेट पर उपलब्ध इनफार्मेशन तक पहुचाता है ।

    टिम बर्नर्स ली

    वेब ने जनता के बीच इंटरनेट को लोकप्रिय बनाने में मदद की, और सूचना के विशाल भंडार को विकसित करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया, जिसे अब हम में से अधिकांश दैनिक आधार पर एक्सेस करते हैं।

    वेब ने इंटरनेट को लोकप्रिय बनाने में मदद की, और सूचना के विशाल भंडार को विकसित करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया, जिसे अब हम लोग वर्तमान में access करते है ।

    इंटरनेट कई नेटवर्क (networks) से बना है या कह सकते है इन्टरनेट पूरा एक networks का जाल है l जब हम google के through किसी वेबसाइट पर जाते है तो डाटा आपके सामने आने से पहले यह कई routers को पार करके सटीक इनफार्मेशन या कह सकते है की सबसे relevant इनफार्मेशन आपके स्क्रीन पर दिखाता है l

    जब भी हम google पर कुछ सर्च करते है तो google का सर्च इंजन web crawlers software इस्तेमाल करके  उस सुचना से जुड़े नए या अपडेटेड पेज देखता है crawlers जो web pages की indexing करता है indexing में जो वेबसाइट इंजन के सामने आई है उसे इंजन analyze करता है और फिर सबसे highest quality content आपके स्क्रीन पर दिखाता है l

    सबमरीन कम्युनिकेशन केबल (Submarine Communication Cable)

    डेटा केबल सिस्टम को सबमरीन कम्युनिकेशन केबल भी कहा जाता है. इस केबल के जरिये दुनिया के एक छोर से दूसरे छोर तक सेंकेंडों में जानकारी पहुंचाई जाती है और काम इंटरनेट के जरिये होता है l

    सबमरीन केबल नेटवर्क Source: Dataset encoded by Greg Mahlknecht

    टेलीकम्युनिकेशन सिग्नल ढोने के लिए दो जगहों के बीच समुद्र के रास्ते से ये केबल बिछाए जाते हैं. यह केबल समुद्र से होते हुए जमीनी इलाकों तक लायी जाती है और इंटरनेट जैसी सुविधाएं प्रदान करती है l

    आजकल फाइबर ऑप्टिक टेक्नोलॉजी से केबल बिछाई जाती है l समुद्र के नीचे दौड़ाए जाने वाले इस केबल सिस्टम की शुरुआत सबसे पहले 1850 में किया गया था. यह काम टेलीग्राम ट्रैफिक के लिए किया गया था धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ता गया और आज इंटरनेट का पूरा सिस्टम इसी पर आधारित है l  

    इन्टरनेट के उपयोग

    1. कम्युनिकेशन – इन्टरनेट ने कम्युनिकेशन को आसान बना दिया है और आज हम इस माध्यम से किसी भी व्यक्ति से संपर्क कर सकते है l कम्युनिकेशन को इन्टरनेट ने बहुत ही आसान बनाया है और मनुष्य की सोशल लाइफ में बढाया है l
    2. Research (रिसर्च) – पहले किसी भी विषय पर जानकारी के लिय हमे ढेर सारी किताबें पढ़नी पड़ती है लेकिन इन्टरनेट ने ज्यादातर सूचनाएं हमारे एक क्लिक पर उपलब्ध करवा दी है इसिलिय research को इन्टरनेट ने बहुत ही आसान बनाया है l
    3. एजुकेशन – इन्टरनेट ने हमे educate करने में एक महत्वपुर्ण भूमिका निभायी है l आज ऑनलाइन education के माध्यम से पूरी दुनिया में इन्टरनेट ने education को सुलभ कराया है l
    4. Financial Transaction – इन्टरनेट ने ऑनलाइन transaction और बैंकिंग को बहुत ही आसान बना दिया है l अब आपको बैंक की लम्बी लाइन में नही लगना पड़ता है और बहुत सारे पैसे लेकर अपने जेब में नही घुमने है l
    5. Online Shopping – यह एक ऐसा concept था जिसने शॉपिंग का एक्सपीरियंस ही बदल के रख दिया l
    6. Real time updates – इन्टरनेट ने ही आज यह आसान बनाया है की हमे रियल time में सूचनाएं मिल जा रही है l

    यह कुछ महत्वपुर्ण इन्टरनेट के योगदान है इसकी लिस्ट लम्बी है लेकिन महत्वपुर्ण यह है इन्टरनेट ने लाइफ काफी आसान बना दी है l

    इन्टरनेट सही या गलत

    जिस क्षेत्र में इंटरनेट ने सबसे अधिक प्रभाव डाला है, वह है तरीका, गति और समय जो हम एक दूसरे के साथ संचार और बातचीत करते हैं। इंटरनेट सूचना प्रौद्योगिकी में एक क्रांति है। इंटरनेट हमारे व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए उपयोगी डेटा (data), सूचना(information) और ज्ञान(knowledge) प्रदान करता है और यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपार सुचना का कितने productive तरीके से इस्तेमाल करे ।

    इंटरनेट एक अच्छे कार्य या प्रगति के लिय एक पावरफुल source है,  लेकिन इसके गलत प्रयोग (जैसे पोर्न, अवैध ऑनलाइन सम्बन्ध, डार्क web, साइबर क्राइम, हैकिंग और अन्य आपत्तिजनक सामग्री) से नुकसान होने का अंदेशा भी रहता है ।

    ऐसा नही है की इन्टरनेट के नुकसान नही है लेकिन ऐसे हजारों कारण भी कि इसके इस्तेमाल ने लोगों के जीवन को बदला है l इंटरनेट का उपयोग जो शिक्षा और अच्छे कार्यों में इस्तेमाल हुआ है वो अद्वितीय हैं।

    भविष्य और इन्टरनेट

    भविष्य में, इंटरनेट एक ऐसा प्लेटफार्म बन जाएगा जो जिससे हम हमारे रोजमर्रा के कई कार्यों को क्लिक या बोलने पर से कण्ट्रोल कर सकेगे । Artificial Intelligence जैसी तकनीक हमारे इन्टरनेट के अनुभव को ही बदल देगी l

    आज हम इन्टरनेट को लेकर जो महसूस करते है वो सच में एक क्रांति है, क्योंकि इंटरनेट मानवता को एक साझा उद्देश्य के लिय एकजुट होने और यह सुनिश्चित करने का मौका देता है की हम आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ भी नहीं खोये और उन्हें और भी बेहतर दुनिया देकर जाये ।

    क्या आने वाले समय artificial intelligence जैसी खूबी के साथ हम हमारी ऑनलाइन दुनिया और वास्तविक दुनिया में फर्क कर पायेगे l हमारा भविष्य कैसा होगा ? क्या इन्टरनेट हमे virtual world में ले का सकता है ? या इन्टरनेट हमे खत्म कर देगा और हमे गुलाम बना लेगा या हम इसके नशे में डूब जायेगे ? यह सब सवाल तकनीक पर निर्भर करेगे और इनके जवाब भविष्य में हमारे द्वारा इन्टरनेट के सही और गलत इस्तेमाल पर निर्भर करेगे l

  • हम, विज्ञान और हमारा दिमाग

    हम, विज्ञान और हमारा दिमाग

    मानव जीवन को जिस विकसित रूप में आज हम देखते है, आज जो भी मनुष्य ने अपने विकास को लेकर तरक्की की है, उसमे विज्ञान का एक बड़ा योगदान रहा है l यह हमारी जिज्ञासाओं का नतीजा है कि हम लगातार खुद से सवाल करते रहे, खुद को एवं प्रकृति को समझने का एक सतत प्रयास करते रहे है l विज्ञान ने जीवन को एक नया आयाम दिया है, सामान्य मनुष्य जिंदगी को एक बेहतर और विकसित जीवनशैली में तब्दील किया है l हालाकि मनुष्य विकास में धर्म, संस्कृति, और परिवेश की भी अहम भूमिका रही है लेकिन फिर भी विकास शब्द का जब हम प्रयोग करते है तो विज्ञान और टेक्नोलॉजी हमारे जेहन में सबसे पहले आता है l

    सवाल और विज्ञान

    कुछ सवाल तो ऐसे है जो हम लोग जीवन के किसी ना किसी मोड़ पर खुद से कर ही लेते है जैसे कि ब्रहामंड क्या है ? हम ब्रहमांड में कहा अस्तित्व रखते है ? हम मनुष्यों के जीवन का मकसद क्या है ? ऐसा क्यों है की प्रकृति की बनाई हर चीज एकदम परफेक्ट है, सब एक दुसरे से जुड़े हुए क्यों है, क्या इस ब्रह्माण्ड से भी परे कुछ है? हमारी मृत्यु के बाद क्या होता है? आने वाले 100–200 सालों बाद का जीवन कैसा होगा? हम technology के चरम पर कब पहुचेंगे ? क्या हम भविष्य देख सकते है ? क्या हम ब्रहामंड के रहस्यों को जानने में सक्षम हो पायेगे आदि l यह लिस्ट लम्बी भी हो सकती है और छोटी भी, यह सब सोचने वाले पर छोड़ देते है लेकिन इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारा मस्तिष्क जाने अनजाने ऐसे अनसुलझे सवाल करने में लगा रहता है l

    एक और बात है  कि किसी भी सवाल का जवाब वक्त के पल और उस क्षण के साथ मस्तिष्क में छिपा होता है l हमारा दिमाग उल जलूल सवालों में उलझने पर ज्यादा तेज गति से उसके जवाब को जानने का प्रयास करने लगता है ऐसा इसलिए है क्योकि प्रकृति ने बनाया ही ऐसा है l

    लेकिन क्या आप जानते है की मनुष्य की यह तरक्की और विकास और इससे जुड़े सारे सवाल – जवाब का origin क्या है या कह सकते है की कहाँ से शुरू हुए l इनका जवाब है की यह सारे सवाल – जवाब और आविष्कार का origin हमारा मस्तिष्क है, हमारा दिमाग है l

    हमारे विचार और विज्ञान

    आज हम Tesla की कारों से लेकर से लेकर Nasa के मार्स रोवर तक जिनके भी बारे में बात करते है उन्हें देखते है सब ने कही कही ना कही सबसे पहले दिमाग में तस्वीर बनायीं थी l ब्रहामंड का नियम शुरू से ही यही रहा है की मनुष्य जनित हर वो चीज जो हम आज देखते है वो सबसे पहले हमारे दिमाग में आयी थी l हमारे दिमाग में उसकी तस्वीर बनी थी l उसी आधार पर हमने प्रयास कर के उसको अस्तित्व में लेकर आते है l

    आसान भाषा में अगर बात करे तो जिस घड़ी को आपने पहन रखा है, जिस mobile से आप बात करते है वो सब सबसे पहले हमारे दिमाग में एक विचार के जरिये आया l आपने सोचा और फिर आपने उसे implement किया तो वो चीज अस्तित्व में आयी यानी भौतिक दुनिया में आयी l उदाहरण लेते है की आज आपने अपने लिय एक Apple का mobile ख़रीदा है और उसको आपने हाथ में पकड़ा हुआ है l अब सोचिये की सबसे पहले एक विचार आपके दिमाग में आया की मुझे एक apple mobile लेना है l उस विचार पर आपने कार्य करना शुरू किया अर्थात आप उस विचार को अपने दिमाग से निकाल कर वास्तिवक दुनिया में implement करते हो और तत्काल आप mobile खरीद लेते हो l

    कुछ आविष्कार जैसे Google Search Engine, डीएनए, सिलाई मशीन,  आइन्स्टीन का सापेक्षता का नियम (Einstein’s Theory of Relativity), periodic table आदि के महान विचार इनके वैज्ञानिको को सपने में आये थे l  दुनिया के कुछ सबसे प्रसिद्ध कलाकारों, वैज्ञानिकों और अन्वेषकों ने अपने Eureka moments बीच नींद में आये l

    मशहूर रसायन वैज्ञानिक दिमित्री मेंडेलीव (Dimitry Mendeleev) ने रासायनिक तत्वों को एक साथ जोड़ने वाला पैटर्न को बनाने की कोशिश में 10 साल तक लगे रहे । एक रात उसे periodic table का सपना आता है और उसे सपने में वो आईडिया मिलता है जिसकी खोज में वो लगातार लगा हुआ था l अपनी डायरी में दिमित्री लिखते है की मैंने सपने में एक table देखी l उस table पर सारे तत्व की जहा आवश्यकता थी वहा पर गिर रहे थे l आगे उन्होंने बताया की वो तुरंत अपने बिस्तर से उठे और सारे तत्वों का क्रम सपने में जैसे देखा वैसे ही लिख लिया l इस तरह उन्होंने periodic table तैयार की l

    हमारा दिमाग और हमारे सवाल

    मतलब साफ़ है कि कही ना कही सवालों के जवाब हमारे दिमाग के पास होते है बात सिर्फ यह है कि सवाल हमे हमारे दिमाग से बार बार करना होगा l विज्ञान के हिसाब से जब हमसे यानी हमारे दिमाग से कोई सवाल पूछा जाता है तो हमारा पूरा दिमाग उत्तेजित (stimulated) हो जाता है और सेरोटोनिन (Serotonin) रिलीज होना शुरू हो जाता है ।

    सेरोटोनिन के रिलीज़ होने से हमारा दिमाग ज्यादा relaxed और focused हो जाता है इससे यह किसी भी सवाल का उत्तर खोजने या किसी भी समस्या का समाधान ढूढनें में ज्यादा सक्षम हो जाता है । क्योकिं हमारा दिमाग एक निर्धारित शर्तो के अनुसार काम करता है इसलिए दिमाग में Dopamine की मात्रा बढ़ने लगती है l डोपामाइन एक प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर है जिसे हमारा शरीर विकसित करता है और हमारा nervous system इसके जरिये nerve cells को मेसेज भेजता है । डोपामाइन एक यूनिक human ability है जो हमे सोचने, समझने और प्लानिंग करने की क्षमता प्रदान करता है l

    इस तरह प्रकृति  के अलावा मनुष्य के द्वारा बनाया हुआ सब कुछ हमारे मस्तिष्क की देन है l प्रसिद्ध लेखिका रोंडा बर्न (Rhonda Byrne) ने अपनी किताब ‘The Secret’ में बताया है की हमारे मस्तिष्क की ताकत से हम हमारे जीवन में कुछ भी प्राप्त कर सकते है l उसने बताया कि हमारे विचार ही हमारी जिंदगी बनाते है और हमारे विचार वास्तविक चीजों में बदलते है (Your Thoughts become things). इसिलिय हमारे विचारों पर हमारा नियंत्रण जरुरी है और साथ में हमे हमारे दिमाग की ताकत को विज्ञान के हिसाब से समझ कर उसका इस्तेमाल करना है l

    कुल मिलाकर हम इस निष्कर्ष पर पहुचते है की हमारा मस्तिष्क हमे सही दिशा दिखा सकता है, हमारे अनगिनत सवालों के जवाब दे सकता है, हमे वो बना सकता है जो हम वास्तव में बनना चाहते है l इसिलिय अपने विचारों पर ध्यान दे l उन्हें समझे, अपने दिमाग को पॉजिटिव थॉट्स से भर दे l उसे यकीन दिला दे की  जो आप चाहते है उसे हासिल करना ही है l

    याद रखिये आप दिमाग के लिय सब कुछ आसान है क्योकि  जो आपके सामने है वो सब विचार है तो फिर देर किस बात की आज ही इस पर विचार कीजिये l