रबड़ और उसके प्रकार

Rubber and its type ?

रबड़ भूमध्यरेखीय सदाबहार वनों में पाये जाने वाले एक प्रकार के वृक्ष के दूध से प्राप्त होता है। इस दूध को ‘लेटेक्स’ (Latex) कहा जाता है। यह अपनी प्रत्यास्थता (Elasticity), जल प्रतिरोधी (Resistance to water) तथा विद्युत कुचालकता के कारण अनेक उद्योगों में काम आने लगा। अमेजन नदी की द्रोणी, रबड़ के वृक्षों का मूल स्थान है।

रबड़ दो प्रकार के होते हैं

प्राकृतिक रबड़ (Natural Rubber)

प्राकृतिक रबड़ कुछ विशिष्ट जाति के पेड़ों से निकले वनस्पति दूध (Latex) से प्राप्त किया जाता है। दूसरे शब्दों में प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त रबड़ को प्राकृतिक रबड़ कहा जाता है। यह आइसोप्रीन का बहुलक है।

संश्लिष्ट रबड़ (Synthetic Rubber)

कृत्रिम स्रोतों से प्राप्त रबड़ को संश्लिष्ट रबड़ कहा जाता है। कृत्रिम रबड़ के विकास का श्रेय मैथ्यूस एवं हैरिस को जाता है। उन्होंने आइसोप्रीन को सोडियम के साथ 60°C तापक्रम पर प्रतिक्रिया कराकर प्राकृतिक रबड़ के सदृश बहुलक प्राप्त किया—जो संश्लिष्ट रबड़ कहलाता है।

उदाहरण, बुना -N- रबड़, बुना -S- रबड़, पॉलिस्टाइरीन, ड्यूप्रीन रबड़, नियोप्रीन रबड़, थायोकॉल रबड़ तथा पॉलि विनाइल क्लोराइड, आदि।

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