वस्तुओं के रंग (Colour of Objects)

Colour of Objects

वस्तुओं का अपना कोई रंग नहीं होता। वस्तुएं प्रकाश का कुछ भाग परावर्तित करती है तथा कुछ भाग अवशोषित भी करती हैं। प्रकाश का परावर्तित भाग ही वस्तु का रंग निर्धारित करता है।

कोई वस्तु जिस रंग में दिखाई देती है वह वास्तव में, (श्वेत प्रकाश के सातों रंगों में से) केवल उसी रंग को परावर्तित करती है, शेष सभी रंग को अवशोषित कर लेती है जो वस्तु सभी रंगों को परावर्तित कर देती है वह श्वेत दिखाई देती है क्योंकि सभी रंगों को मिश्रित प्रभाव श्वेत होता है जो वस्तु सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है और किसी रंग को परावर्तित नहीं करती है, वह काली दिखाई देती है। अत: सभी अपारदर्शी (Opaque) वस्तुओं का रंग उनके द्वारा परावर्तित प्रकाश का रंग होता है। इसके विपरीत पारदर्शी (Transparent) वस्तुओं का रंग उनसे पार होने वाले प्रकाश के रंग पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, जब हरे कांच को हम सूर्य के प्रकाश में देखते है, तो वह हरा दिखाई देता है क्योंकि वह हरे रंग को अपने अन्दर से जाने देता है और शेष सभी रंगों को अवशोषित कर लेता है। अतः स्पष्ट है, कि यदि किसी लाल रंग की प्लेट को हरे प्रकाश में (अन्य किसी एक रंग के प्रकाश में) देखा जाए तो वह हरे प्रकाश को अवशोषण कर लेगी इसलिए काली दिखाई देगी।

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